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Sunday, February 22, 2015

साहित्यिक पत्रिका "साहित्य कुमाऊँ" का शुभारम्भ (किशोरमनी)

मित्रों!
आज मैंने अपने गुरूजी
आदरणीय डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' जी
की कृपा से
त्रयमासिक साहित्यिक पत्रिका 
"साहित्य कुमाऊँ"
का ब्लॉग बनाया है।
आप सबके शुभाशीष का आकांक्षी हूँ।

2 comments:

  1. हार्दिक शुभकामंनाओं के साथ शुभाशीष आपको।

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  2. सार्थक प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (23-02-2015) को "महकें सदा चाहत के फूल" (चर्चा अंक-1898) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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